पेट रोग भागने के ३० से ज्यादा उपाय (कब्ज, वायुविकार, अजीर्ण)

हमारे द्वारा भोजन ग्रहण करने के बाद उसका पाचन संस्थान द्वारा पाचन होता है। मुँह में ग्रास के चबाने के साथ ही पाचन क्रिया की शुरूआत हो जाती है। उसके बाद ग्रास नली द्वारा आमाशय में पहुँच कर भोजन के पचने की क्रिया आरंभ होती है।

पेट रोग भागने के ३० से ज्यादा उपाय (कब्ज, वायुविकार, अजीर्ण)
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पेट रोग भागने के ३० से ज्यादा उपाय
(कब्ज, वायुविकार, अजीर्ण)



हमारे द्वारा भोजन ग्रहण करने के बाद उसका पाचन संस्थान द्वारा पाचन होता है। मुँह में ग्रास के चबाने के साथ ही पाचन क्रिया की शुरूआत हो जाती है। उसके बाद ग्रास नली द्वारा आमाशय में पहुँच कर भोजन के पचने की क्रिया आरंभ होती है। अगर इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रुकावट होती है।


तो फिर भोजन सही ढंग से नहीं पचता तथा अपच होती है और फिर कब्ज होती है। सही ढंग से मल का न निकलता कब्ज' कहलाता है यह रोग अधिक तनाव के कारण भी होता है। देर रात तक जागने, भोजन कम करने या ज्यादा तला भुना या चिकना भोजन करने से या किसी बिमारी के कारण भी हो सकता है।


शोक.दख.चिन्ता के कारण भी कब्ज हो जाता है। इसमें पेट मे गैस बनने लगती है। हवा पास नहीं होती, खट्टी डकारें आती हैं तथा जी मिचलाने लगता है। इसके घरेलु उपचार निम्न हैं। 


    1. अदरक की चटनी नमक मिलाकर चाटने से गैस पास होने लगती है।
    2. अदरक के रस में नींबू और पुदीने का रस मिलाकर पीने से रोग में आराम मिलता है यदिअवश्यक लगेंतो एकदो चम्मच शहद भी मिला सकते हैं|
    3. सौंठ + कालीमिर्च + पीपल को बराबर मात्रा मे लेकर चूर्ण बनायें। सुबह-शाम एक- एक चम्मच लें। कब्ज दूर होगी।
    4. पके हुये बेल का शरबत पीने से या बेल के गूदे में सौंफ का पाऊडर मिलाकर पीने से कब्ज दूर होती है। सीधापका बेलखायेंतो और अच्छा।
    5. अदरक और सूखे धनिए का काढ़ा पीने से कब्ज दूर होगा।
    6. रात में दूध के साथ दो चम्मच ईसबगोल खानेमे कब्ज में आराम मिलता है।
    7. पुदीने का रस थंडी चीनी या गुड़ मिलाकर लें।
    8. सौंठ + इलायची (बडी) + दाल चीनी को बराबर मात्रा में लेकर कूटकर पावडर बना लें, सुबह शाम सादे पानी के साथ एक चम्मच लेने से कब्ज दूर होती हैं।
    9. गरम पानी में एक नीबू मिलाकर पीने से कब्ज दूर होती है।
    10. रात्रि मे तांबे के पात्र में रखा पानी प्रातः शौच जाने से पहले पीने से गंभीर रोगों की घरेलू चिकित्सा कब्ज दूर होती है।
    11. रात को गरम दूध के साथ एक चम्मच त्रिफला लेने से कब्ज दूर होगा।
    12. कब्ज होने पर हीरा हींग की फाँक लेने (पानी के साथ) से भी तथा नाभि पर हींग रखने और मलने से भी कब्ज की शिकायत दूर होती है।
    13. आधा चम्मच पीपल का चूर्ण गुड के साथ लेने से भी कब्ज दूर होगी।
    14. सौंठ + हरड़ + अजवायन को समान मात्रा में पानी में उबालें तथा वह पानी (नमक मिलाकर) लेने से कब्ज दूर होगा।मिलाकर) लेने से कब्ज दूर होगा।
    15. खट्टी छाछ या कांजी का पानी भी पीने से कब्ज की शिकायत दूर होती है।
    16. भुनी हींग + भुना जीरा + सौंठ + सैधा नमक समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें यह चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होगी।
    17. कच्ची गाजर चबा-चबाकर खाने से कब्ज दूर हो जाता है।
    18. कब्ज में आँवले का मुरब्बा भी फायदेमंद है। आँवले का पावडर भी ले सकते हैं।
    19. गिलोय का चूर्ण गुड के साथ लेने पर कब्ज दूर होता है।
    20. भोजन के साथ सुबह शाम पपीता खाने से कब्ज दुर होता है।
    21. रात को सोते समय दूध मे एक चम्मच एरंड तेल मिलाकर पीने से कब्ज दूर होता है।
    22. प्रतिदिन 25 मिली लीटर देशी गाय का गोमूत्र पीने से कब्ज दूर होता है।
    23. कमजोरी द्वारा पैदा हुई अपच या पेट दर्द में कच्चा लहसुन चबाकर खाने से लाभ मिलता है।
    24. यदि खाना नहीं पचता तो फालसे के रस के साथ सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर पीयें। फालसा पित्त विकारों में भी लाभ करता है।
    25. एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंठ उबालकर सेंधा नमक मिलायें और ठंडा होने पर पीयें। अपच में लाभ होगा।
    26. दही में बारीक प्याज काटकर खाने से लाभ मिलता है।
    27. कच्चे प्याज का रस पेट दर्द, बदहजमी, वायु विकार और अफरा में लाभदायक होता है।
    28. राई के नियमित सेवन से पुराने से पुराना अपच नष्ट हो जाता है।
    29. अंगूर के नियमित सेवन से कब्ज अपने आप ठीक होता है।
    30. अदरक का किसी भी रूप में प्रयोग करते रहने से भोजन सरलता पूर्वक पचता है और कब्जियत भी दूर होती है।


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